शनिवार, 27 नवंबर 2010

काश

चार दिनों के बाद मुझे 
नाना के घर जाना .
और चार दिन रहकर , घर को 
वापस है आना .
काश ! चार के आगे भैया
 जीरो बढ़ जाता .
नाना जी के घर रहने का 
मजा खूब आता . 

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