बाल कविता :नागेश पांडेय 'संजय'
पापा जी का कंप्यूटर है
जादू भरा पिटारा
इसमें हाथी, इसमें घोड़ा
इसमें भालू बंदर।
इसमें गेम अनोखे कितने
मैजिक इसके अंदरं
आन करो इंटरनेट, होगा
मुटठी में जग सारा।
जोड़, घटाना, गुणा, भाग सब
पलक झपकते कर लो।
मेमोरी के क्या कहने जी
जितना चाहे भर लो।
थकने का ता काम नहीं है
पहलवान यह ‘दारा‘।
पिक्चर बुक का क्या कहना जी
जमकर चि़त्र बनाओ।
गाने सुनो फिल्म भी देखो,
जी भर जी बहलाओ।
मैगजीन भी पढ़ो इसी पर,
सच्चा दोस्त तुम्हारा।
पापा जी का कंप्यूटर है
जादू भरा पिटारा



भाई नागेश जी,
जवाब देंहटाएंबहुत प्यारा और अच्छा बालगीत।बच्चे इसे बहुत पसंद करेंगे।
हेमन्त कुमार
bahut pyaara balgeet
जवाब देंहटाएंbahut pyara bal geet
जवाब देंहटाएंbahut pyara bal geet
जवाब देंहटाएंBeautiful Poem
जवाब देंहटाएंवाकई जादू का पिटारा है कंप्यूटर तो ....
जवाब देंहटाएंयात्राओं में रहने से विलम्ब से आप सभी को आभार व्यक्त कर रहा हूँ. स्नेह भाव बनाये रखें.धन्यवाद .
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